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VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
शक्कर उद्योग में किसान परिवारों की सहभागिता और प्राप्त लाभ का उनके जीवन स्तर पर प्रभाव— एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, सगराम चन्द्रवंशी
Abstract
यह शोध पत्र अध्ययन क्षेत्र के किसान परिवारों पर केंद्रित है, जिनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर शक्कर उद्योग की सहभागिता का प्रभाव देखा गया है। भारत के ग्रामीण समाज में शक्कर उद्योग कृषि-आधारित उद्योगों में से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसने किसानों के जीवन में आय सृजन, रोजगार, और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह अध्ययन इस परिकल्पना पर आधारित है कि “अध्ययन क्षेत्र में किसान परिवारों द्वारा शक्कर उद्योग में सहभागिता और किसानों को प्राप्त लाभ का उनके जीवन पर सार्थक प्रभाव पड़ा है।” अध्ययन के अंतर्गत सर्वेक्षण, साक्षात्कार और सांख्यिकीय परीक्षणों जैसे Chi-square, Correlation, Regression Analysis एवं ANOVA का उपयोग किया गया। प्राप्त आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि शक्कर उद्योग से जुड़े किसानों की औसत वार्षिक आय में वृद्धि हुई, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ, तथा ग्रामीण बाजारों में आर्थिक सक्रियता आई। इसके साथ ही, किसानों में आत्मनिर्भरता की भावना और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि देखी गई। शोध से यह निष्कर्ष निकला कि शक्कर उद्योग केवल एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का माध्यम बन गया है। यह उद्योग किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता, सामाजिक स्थायित्व, और सतत् विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कारक सिद्ध हुआ है।
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Pages:36-39
How to cite this article:
डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, सगराम चन्द्रवंशी "शक्कर उद्योग में किसान परिवारों की सहभागिता और प्राप्त लाभ का उनके जीवन स्तर पर प्रभाव— एक विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 36-39
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