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VOL. 8, ISSUE 3 (2026) — Jul-Sep
| S.No. | Title and Authors Name |
|---|---|
| 1 | सम्मान और पहचान की तलाश: पोस्ट बॉक्स नं. 203 नाला सोपारा Authors: चित्रा मुद्गल, वंदना रमेश गुप्ता Pages:1-3 |
| 2 | मिथलेश्वर की रचनाओं की कथा संरचना पर पौराणिक कथाओं का प्रभाव: एक अध्ययन Authors: चन्द्र कान्त, डॉ. रुखसाना खातून Pages:4-7 |
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| 4 | रामप्यारे रसिक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का अध्ययन Authors: डॉ. स्नेहलता निर्मलकर, नीलम सोनी Pages:11-13 |
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| 6 | दीवार में एक खिड़की रहती थी उपन्यास में दाम्पत्य भाव: आदर्श और यथार्थ का कथात्मक अन्वेषण Authors: डॉ. मनीषा पाण्डेय तिवारी Pages:16-17 |
| 7 | हिमाचल प्रदेश की टाकरी (टांकरी) लिपिः एक ऐतिहासिक एवं भाषाई विश्लेषण Authors: संगीता मीणा, डॉ बिजय कुमार प्रधान Pages:18-19 |
| 8 | औपनिवेशिक भारत में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद : काकोरी प्रतिरोध का एक ऐतिहासिक अध्ययन Authors: डॉ. मुनेन्द्र सिंह Pages:20-26 |
| 9 | हरेला पर्वरू पारम्परिक ज्ञान और आधुनिक पर्यावरण संरक्षण का समन्वय Authors: डॉ. निधि उप्रेती Pages:27-29 |
| 10 | धनानंद की प्रेम-व्यंजना Authors: डॉ॰लक्ष्य सिंह चौधरी Pages:30-32 |
| 11 | संत शिरोमणि रैदास के काव्य में जाति-आधारित ऊँच-नीच का प्रतिवाद Authors: बलवान सिंह Pages:33-37 |
| 12 | भारतीय स्वाधीनता आंदोलन श्रुत एवं अविश्रुत गाथाएँ Authors: डॉ. श्यामता साहू Pages:38-40 |
| 13 | मिथलेश्वर की रचनाओं पर ग्रामीण यथार्थ और आधुनिकीकरण के प्रभाव: एक विश्लेषण Authors: चन्द्र कान्त, डॉ. रुखसाना खातून Pages:41-44 |
| 14 | भारतीय ज्ञान परम्परा और राष्ट्रीय चेतना: हिन्दी साहित्य के विशेष संदर्भ में Authors: विनय खाण्डेकर, डॉ. स्नेहलता निर्मलकर Pages:45-48 |
| 15 | छत्तीसगढ़ की जनजातियों में स्वदेशी ज्ञान लोक साहित्य एवं पर्यावरण चेतना Authors: डॉ. वर्षारानी पाटले Pages:49-52 |

