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VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
मणिपुरी थाङ्-ता: एक सांस्कृतिक शस्त्रकला
Authors
पेबम निर्मला
Abstract
प्रस्तुत आलेख मणिपुर राज्य की प्राचीन पारंपरिक युद्धकला ष्थाङ्.ताष् का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करता है। ष्थाङ्ष् का अर्थ तलवार तथा ष्ताष् का अर्थ भाला होता है। यह कला केवल युद्धकौशल तक सीमित नहीं हैए बल्कि इसमें स्वास्थ्यए जीवन.शैलीए आहार.विहारए शिष्टाचार एवं मंत्र.साधना जैसे विविध आयामों का समावेश होता है। थाङ्.ता का प्रशिक्षण अनुशासनए शारीरिक मुद्रा एवं हथियार संचालन की मूलभूत तकनीकों से आरंभ होता है और यह नैतिक व्यवहार तथा चरित्र निर्माण में भी सहायक है। राजशाही काल में मणिपुर की सेवा.आधारित श्लालूप काबाश् कर प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक पुरुष को राजकीय सेवा अथवा युद्ध में भाग लेना अनिवार्य थाए जिससे थाङ्.ता का प्रशिक्षण आवश्यक बन गया। इस कला में महिलाएँ भी दक्ष थीं। यह प्रणाली मणिपुरी समाज की सामाजिक.सैन्य संरचनाए उत्तरदायित्व की भावना और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। मणिपुर की पारंपरिक शासन व्यवस्था में युद्धकलाए कर व्यवस्था और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्वितीय समन्वय देखने को मिलता है।
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Pages:22-24
How to cite this article:
पेबम निर्मला "मणिपुरी थाङ्-ता: एक सांस्कृतिक शस्त्रकला". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 22-24
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