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VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
जौनसार बावर का सांस्कृतिक एवं सामाजिक अध्ययन
Authors
रीता शर्मा, डॉ० शुभा मटियानी
Abstract
जौनसार उत्तराखण्ड राज्य का वह क्षेत्र है. जहाँ जौनसारी जनजाति निवास करती है। जौनसारी राज्य का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय होने के साथ-साथ गढ़वाल क्षेत्र का भी सबसे बड़ा समुदाय है। इस क्षेत्र के अन्तर्गत देहरादून का चकराता, कालसी, त्यूनी, लाखामण्डल आदि क्षेत्र टिहरी का जौनपुर क्षेत्र, उत्तरकाशी का रवाई क्षेत्र आता है। देहरादून के कालसी, चकराता, त्यूनी तहसील को जौनसार-बावर क्षेत्र कहा जाता है। जौनसार-बावर अपनी संस्कृति, भाषा बोली, रीति-रिवाज, खान-पान, रहन-सहन व वेशभूषा आदि की दृष्टि से अनूठा है, जो इसे अन्य समाज से अलग करता है। अतिथि देवो भवः की परम्परा इस समुदाय की समृद्ध संस्कृति का परिचायक रही है। इस संस्कृति के अन्तर्गत हारूल, रासो, धुमसू, झेता, तादी. नारी-पाण्डव नृत्य आदि आते हैं। जौनसारी जनजाति के मुख्य त्यौहार विस्सू (वैशाखी), जागड़ा, पाईता (दशहरा), दियाई (दीपावली), नुणाई, मरोज (माघमेला) आदि हैं। प्रस्तुत शोध पत्र जौनसार बावर के सांस्कृतिक एवं सामाजिक अध्ययन पर आधारित है। प्रस्तुत शोध पत्र में जौनसार के सांस्कृतिक एवं सामाजिक पर अध्ययन पर किया गया है ।
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Pages:6-13
How to cite this article:
रीता शर्मा, डॉ० शुभा मटियानी "जौनसार बावर का सांस्कृतिक एवं सामाजिक अध्ययन". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 6-13
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