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VOL. 6, ISSUE 2 (2024)
बोड़ो लोकगीतों में अभिव्यक्त राष्ट्रभक्ति का स्वर
Authors
जयन्त कुमार बोरो, तेलेम कमलावती देवी
Abstract
लोक साहित्य समाज को सिखाने और सीखने का प्रमुख साधन है। यह मनुष्य को समाजवाद के मार्ग की ओर ले जाता है। सबसे पहले जन्म के बाद हर व्यक्ति परिवार, समाज और बाहरी वातावरण से ज्ञान प्राप्त करता है जिसमें लोक साहित्य की प्रमुख भूमिका होती है और लोकगीत इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। लोकगीतों के माध्यम से किसी समुदाय की राष्ट्र के प्रति भावना को आसानी से जागृत किया जा सकता है। क्योंकि लोकगीत आम लोगों के साथ गहराई से तौर जुड़ी होती है। बोड़ो लोकगीतों में राष्ट्रवादी विचारधारा का मार्मिक वर्णन मिलता है। यह उनकी जातीय पहचान, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना को व्यक्त करता है। इनेक लोकगीतों में व्यक्त इस भावना को दीर्घ काल से प्रेरणा के रूप में लिया जाता रहा है। भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान लोकगीत राष्ट्रीयता की चेतना फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
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Pages:8-10
How to cite this article:
जयन्त कुमार बोरो, तेलेम कमलावती देवी "बोड़ो लोकगीतों में अभिव्यक्त राष्ट्रभक्ति का स्वर". International Journal of Research in Hindi, Vol 6, Issue 2, 2024, Pages 8-10
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