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International Journal of
Research in Hindi
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VOL. 6, ISSUE 1 (2024)
अर्चना पैन्यूली की कहानियों में भारतीय समाज और संस्कृति
Authors
ज्ञानी देवी गुप्ता
Abstract
प्रवासी कहानीकार न अपने मूल देश को भूल सकते हैं, न वर्तमान देश की संकृति को अपने बच्चों में फलते-फूलते देख सकते हैं, इसके बावजूद वे बहुत सारी पश्चिमी बातों को स्वीकार कर चुके हैं। दोनों संस्कृतियों की तुलना उनकी रचनाओं में बार-बार होती है। प्रवासी कहानीकार अर्चना पैन्यूली की कहानियों में माँ प्रमुख विषय है और इसके माध्यम से वह दोनों संस्कृतियों का चित्रण करती है।
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Pages:12-14
How to cite this article:
ज्ञानी देवी गुप्ता "अर्चना पैन्यूली की कहानियों में भारतीय समाज और संस्कृति". International Journal of Research in Hindi, Vol 6, Issue 1, 2024, Pages 12-14
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