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VOL. 5, ISSUE 1 (2023)
भारतीय संत साहित्य में धर्म और दर्शन
Authors
डॉ. ज्ञानी देवी गुप्ता
Abstract
संतों के काव्य में धर्म एवं दर्शन चित्रित करने से पहले संत शब्द के अर्थों को जानना अनिवार्य है वास्तव में संत शब्द के विषय में विभिन्न मत्त है। पीताम्बर दत्त बडथ्वाल ने संत शब्द का अर्थ शांत बताया है। परशुराम चतुर्वेदी ने संत शब्द का अर्थ वह व्यक्ति माना है जिसने सत् रूपी परम तत्त्व को आत्मसात कर लिया हो और परम तत्त्व का अनुभव कर चुका हो वही संत कहा जाता है।
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Pages:14-15
How to cite this article:
डॉ. ज्ञानी देवी गुप्ता "भारतीय संत साहित्य में धर्म और दर्शन". International Journal of Research in Hindi, Vol 5, Issue 1, 2023, Pages 14-15
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