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VOL. 4, ISSUE 1 (2022)
हिंदी महाकाव्यों में नायिका की परिकल्पना
Authors
सुनिता राठोड
Abstract
महाकाव्य भारतीय हो या पाश्चात्य उसमें पात्रों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। पात्र ही कथा को गति प्रदान करते हैं। इन पात्रों में नायक और नायिका का प्रमुख स्थान स्वाभाविक है। प्राचीन काल की नायिका के लिए आवश्यक था कि वह सद्वंश और उच्च क्षत्रिय कुल की हो परंतु आधुनिक नायिका में मन,वाणी और कर्म केवल यहीं तीन गुण आवश्यक माने गए हैं फिर चाहे वह किसी भी कुल अथवा वंश की क्यों न हो। प्रस्तुत शोधालेख में हिंदी महाकाव्यों में नायिका की परिकल्पना को उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है।
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Pages:32-34
How to cite this article:
सुनिता राठोड "हिंदी महाकाव्यों में नायिका की परिकल्पना". International Journal of Research in Hindi, Vol 4, Issue 1, 2022, Pages 32-34
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