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VOL. 2, ISSUE 1 (2020)
महादेवी वर्मा की काव्य-संवेदना
Authors
सीमा कुमारी मीणा
Abstract
यह शोध-पत्र महादेवी वर्मा की काव्य-संवेदना के विविध आयामों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। उनके काव्य में अंतर्मुखी भाव-जगत, वेदना और विरह की अनुभूति, तथा आध्यात्मिक खोज प्रमुख तत्वों के रूप में उभरते हैं। इस अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि उनकी संवेदना केवल व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह मानवीय करुणा और सार्वभौमिक अनुभूति का रूप धारण कर लेती है। प्रकृति के माध्यम से भाव-अभिव्यक्ति, प्रतीकों और बिंबों की कोमलता, तथा संगीतात्मक भाषा उनके काव्य को विशिष्ट बनाती है। साथ ही, उनके काव्य में नारी-चेतना और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त स्वर भी दिखाई देता है, जो उन्हें समकालीन संदर्भों में प्रासंगिक बनाता है। यह शोध-पत्र इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि महादेवी वर्मा की काव्य-संवेदना हिंदी साहित्य में एक अद्वितीय और स्थायी स्थान रखती है, जो भावात्मक गहराई और आध्यात्मिक ऊँचाई का संतुलित उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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Pages:20-24
How to cite this article:
सीमा कुमारी मीणा "महादेवी वर्मा की काव्य-संवेदना". International Journal of Research in Hindi, Vol 2, Issue 1, 2020, Pages 20-24
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