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VOL. 8, ISSUE 1 (2026)
भोजपुरी साहित्य में व्यक्त प्रवासन के अभिव्यक्ति
Authors
यशवंत कुमार सिंह
Abstract
आज भारत से हर रोज लाखों लोग प्रवास करते हैं। जिसके कई कारण है। जैसेदृआर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक आदि। एक समय ऐसा भी था, जब लोग बेरोजगारी, कम मजदूरी, काम करवाकर मजदूरी नहीं देना, सम्पत्तिहीनता, न्यूनतम भूमि वाले किसान, खेती के लिए पर्याप्त साधन नहीं होना, खेती से खराब आमदनी, सामंती शोषण, जाती उत्पीड़न, तथा उद्द्योगदृधंधों की कमी इन सारी समस्याओं से परेशान होकर प्रवास के लिए गाँव से शहर की ओर, शहर से महानगर की ओर, फिर देश से विदेश गये। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश जैसे राज्य सबसे अधिक प्रवासी राज्यों में से एक है। प्रवास के लिए विदेश जाने की पीड़ा असहनीय थी। विदेश की धरती पर सर्वप्रथम भारतीय मजदूर 1834 में मॉरीशस गये। मजदूरों को कोलकत्ता से पानी के जहाज द्वारा ले जाया गया। उन्हें भारतीयदृबंधुआदृमजदूरदृप्रवासन-प्रथा तहत अनपढ़ एवं सीधे-साधे मजदूरों को कई तरह के प्रलोभन देकर पांच साल के एग्रीमेंट पर धोखे से ठेपा लगवाकर ले जाया गया। हलाकि मॉरीशस पहुँचते ही उन्हें तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय मजदूरों को फ़िजी, सूरीनाम, त्रिनिडाड, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, युगांडा, वेस्टइंडिज, नीदरलैंड आदि देशों में गये।
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Pages:11-14
How to cite this article:
यशवंत कुमार सिंह "भोजपुरी साहित्य में व्यक्त प्रवासन के अभिव्यक्ति". International Journal of Research in Hindi, Vol 8, Issue 1, 2026, Pages 11-14
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