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VOL. 8, ISSUE 1 (2026)
नाटक- भाषा सीखने और विकास के बीच समानता
Authors
Dr. Syed Muen
Abstract
नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भाषा सीखने और मानसिक विकास का एक सशक्त शैक्षणिक उपकरण है। नाट्य क्रिया के माध्यम से शिक्षार्थी भाषा को अनुभव, संवाद, और अभिव्यक्ति के स्तर पर आत्मसात करता है।यह प्रक्रिया रटने पर आधारित शिक्षण से आगे बढ़कर जीवंत भाषा-अभ्यास को प्रोत्साहित करती है।
नाटक के प्रयोग से न केवल बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने की क्षमता में सुधार होता है,बल्कि संप्रेषण, आत्मविश्वास, सृजनशीलता और सामाजिक सहयोग जैसे गुणों का भी विकास होता है।इस शोध का उद्देश्य यह सिद्ध करना है कि नाट्य शिक्षण प्रक्रिया में भाषा अधिगम और व्यक्तित्व विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।अध्ययन से स्पष्ट होता है कि नाटक के माध्यम से भाषा शिक्षण अधिक सक्रिय, संवादात्मक और समावेशी बनता है, जो विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत प्रभावी है।
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Pages:19-21
How to cite this article:
Dr. Syed Muen "नाटक- भाषा सीखने और विकास के बीच समानता". International Journal of Research in Hindi, Vol 8, Issue 1, 2026, Pages 19-21
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