ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
कन्नड़ साहित्य में श्री राम
Authors
डॉ. सैयद मुईन
Abstract
भारतीय साहित्य की परंपरा में भगवान श्रीराम केवल धार्मिक पुरुष नहीं, बल्कि आदर्श मानव (मर्यादा पुरुषोत्तम) के रूप में प्रतिष्ठित हैं। जिस प्रकार संस्कृत, हिंदी, तमिल और तेलुगु साहित्य में रामकथा का गहरा प्रभाव है, उसी प्रकार कन्नड़ साहित्य में भी श्रीराम की गाथा, मर्यादा और आदर्शों का अनूठा स्थान है। कन्नड़ कवियों ने राम को केवल देवता के रूप में नहीं, बल्कि मानवता, सत्य और धर्म के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है।
Download
Pages:82-84
How to cite this article:
डॉ. सैयद मुईन "कन्नड़ साहित्य में श्री राम". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 82-84
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

