ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 2 (2025)
नामक्कुल रामलिंगम् पिल्ळै
Authors
डॉ. श्री विद्या बालसुब्रमणियन
Abstract
नामक्कल रामलिंगम पिल्लै ने कलम को अपना अस्त्र बनाया। रामलिंगम पिल्लै का जन्म भले ही दक्षिण में हुआ हो, पर वे तो भारतीय साहित्यकार थे। सन् 1971 में भारत सरकार ने उन्हें साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा दिए गए योगदान हेतु पद्मभूषण से सम्मानित किया था।
वेंकटराम रामलिंगम पिल्लै, जिन्हें श्नामक्कल कविर्ज्ञश् के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 19 अक्टूबर 1888 को तमिलनाडु के नामक्कल जिले के मोहत्तूर में हुआ। उनके पिता वेंकटरामन् थे और माता अम्मानियम्मल थीं। उनके पिता मोहत्तूर में पुलिस विभाग में कार्यरत थे और उनकी माँ एक धर्मपरायण महिला थीं। अपने माता-पिता के रामलिंगम पिल्लै आठवीं संतान थे।
रामलिंगम की स्कूली शिक्षा नामक्कल और कोयंबत्तूर में हुई। उन्होंने सन 1909 में तिरुच्ची के बिशप हीबर कॉलेज से बी. ए. किया। शुरुआत में उन्होंने नामक्कल तहसीलदार के कार्यालय में एक लिपिक के रूप में काम किया और बाद में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बने। रामलिंगम पिल्लै ने देशभक्ति की सैकड़ों कविताएँ लिखी हैं।
Download
Pages:71-76
How to cite this article:
डॉ. श्री विद्या बालसुब्रमणियन
"नामक्कुल रामलिंगम् पिल्ळै". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 2, 2025, Pages 71-76
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

