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VOL. 7, ISSUE 1 (2025)
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण : एक अध्ययन
Authors
कविता चौधरी
Abstract
हिन्दी नवजागरण से अभिप्राय प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत के हिन्दी प्रदेशों में आये राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक जागरण से है। हिन्दी-नवजागरण की सबसे प्रमुख विशेषता हिन्दी-प्रदेश की जनता में स्वातंत्र्य-चेतना का जागृत होना है। इसका पहला चरण स्वयं 1857 का विद्रोह था। इसका दूसरा चरण भारतेन्दु हरिश्चन्द्र से शुरू हुआ और तीसरा चरण महावीर प्रसाद द्विवेदी से शुरू हुआ। भारतेंदु हरिश्चंद्र के उदय के साथ हिंदी में एक नए युग का आरंभ हुआ,यह मान्यता तो बहुत पहले से प्रचलित रही है। किंतु इस नए युग को ‘नवजागरण’ नाम देने का श्रेय हिंदी में डॉ. रामविलास शर्मा को है। ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिंदी नवजागरण’ नामक पुस्तक के द्वारा उन्होंने ‘नवजागरण’ की नहीं बल्कि ‘हिंदी नवजागरण’ की संकल्पना प्रस्तुत की।
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Pages:24-27
How to cite this article:
कविता चौधरी "आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण : एक अध्ययन". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 1, 2025, Pages 24-27
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