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VOL. 7, ISSUE 1 (2025)
नीरज की कविताओं में प्रेम के विविध रूप
Authors
अभय सिंह
Abstract
गोपालदास नीरज ने अपने प्रेम से भरे गीतों के माध्यम से भारत ही नही पूरे विश्व के पाठकों को जीवन जीने का सही रास्ता दिखाया है। इनकी कविताओं में प्रेम विभिन्न रूपों में दिखाई पड़ता है जिसका विस्तार मनुष्य के निजी जीवन से लेकर पूरे विश्व को अपने भीतर समेट लेता है। यह प्रेममयी चेतना विभिन्न सोपानों से क्रमशः ऊर्ध्वगामी होती हुई क्रमशः अपनी यात्रा ईश्वर तक पहुँचकर समाप्त होती है। इस प्रकार नीरज की कविताओं में प्रेम का विस्तार क्षैतिज और ऊर्ध्वगामी दोनों है।
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Pages:11-12
How to cite this article:
अभय सिंह "नीरज की कविताओं में प्रेम के विविध रूप". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 1, 2025, Pages 11-12
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