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VOL. 7, ISSUE 1 (2025)
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के काव्यगत विशेषताएँ
Authors
डॉ. के. चन्द्रा
Abstract
हिन्दी साहित्य में आधुनिक काल का आरंभ भारतेन्दु हरिहचन्द्र जी से ही माना गया है। हिन्दी पत्रकारिता, नाटक और काव्य के क्षेत्र में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है। हिन्दी में नाटकों का प्रारम्भ भारतेन्दु हरिहचन्द्र से माना जाता है। भारतीय नवजागरण के अग्रदूत भारतेन्दु जी ने देश की पराधीनता, गरीबी एवं शासकों के अमानवीय शोषण के चित्रण को ही अपने साहित्य का लक्ष्य बनाया। हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने की दिशा में भारतेन्दु जी ने काम किया। अतः आप एक उत्कृष्ट कवि, व्यंग्यकार, सफल नाटककार, जागरूक पत्रकार एवं ओजस्वी गद्यकार थे कि उनका समूचा रचनाकार्य पथप्रदर्शक बन गया।
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Pages:3-4
How to cite this article:
डॉ. के. चन्द्रा "भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के काव्यगत विशेषताएँ". International Journal of Research in Hindi, Vol 7, Issue 1, 2025, Pages 3-4
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