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VOL. 6, ISSUE 1 (2024)
विषयः दूधनाथ सिंह की कहानियों में व्यक्त परिवार एवं महिला-विमर्श
Authors
ज्ञानी देवी गुप्ता अध्यक्ष
Abstract
हिंदी कथा लेखन के सफल हस्ताक्षर दूधनाथ सिंह जी का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सोबथा गांव में 17 अक्टूबर 1936 को हुआ। सन् 1994 में सेवानिवृत्ति के बाद अब वे पूरी तरह से लेखन के लिए समर्पित हो गए थे।दूधनाथ सिंह को उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान भारत भारती मध्य प्रदेश की सरकार के शिखर समान मैथिलीशरण गुप्त सम्मान से सम्मानित किया गया था। भारतेंदु सम्मान) शरद जोशी समृति सम्मान) कथा कर्म सम्मान) साहित्य भूषण सम्मान आदि से सम्मानित किया गया था। असाध्य रोग केंसर से 11 जनवरी 2018 को इनका निधन हो गया। प्रगतिशील साहित्यकार के साहित्य से समाज में महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। महिला अपनी पूरी जिंदगी अलग-अलग रिश्तो में खुद को बांधकर दूसरों की भलाई के लिए काम करती है। आज तक महिला को बहन मां पत्नी बेटी आदि विभिन्न रूपों में देखा है। जो हर वक्त परिवार के मान सम्मान को बढ़ाने के लिए तैयार रहती है। शहरी क्षेत्रों में तो फिर भी हालात इतने खराब नहीं है। पर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की स्थिति चिंता करने योग्य बनी हुई है। सही शिक्षा की व्यवस्था न होने के कारण महिलाओं की दशा दयनीय हो गई है। एक और बच्चे को जन्म देती है और पूरी जिंदगी उस बच्चे के प्रति अपनी सारी जिम्मेदारियों को निभाती है। बदले में वह कुछ भी नहीं मांगती है और पूरी सहनशीलता के साथ बिना तरफ किए अपनी भूमिका को पूरा करती रहती है। इस संबंध में लेखक दूधनाथ सिंह जी अपने विचारों को व्यक्त करते हुए अपनी कहानी संग्रह सपाट चेहरे वाला आदमी‘कहानी रक्तपात आइसबर्ग दोनों कहानी में खंडित परिवारिक संबंधों को दर्शाया गया है।
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Pages:1-3
How to cite this article:
ज्ञानी देवी गुप्ता अध्यक्ष "विषयः दूधनाथ सिंह की कहानियों में व्यक्त परिवार एवं महिला-विमर्श". International Journal of Research in Hindi, Vol 6, Issue 1, 2024, Pages 1-3
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