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International Journal of
Research in Hindi
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VOL. 4, ISSUE 2 (2022)
प्रेम चंद के कथा-साहित्य में चित्रित शाश्वत समस्याएं
Authors
डॉ० पूनम भारद्वाज
Abstract
प्रेमचंद जमीन से जुड़े एक ऐसे कथाकार थे। जिनको अपने समय और समाज पर गहरी पकड़ थी। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ कालजयी हैं। उनके साहित्य में उनके अपने जीवन के अनुभवों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। प्रेमचंद के कथा साहित्य में विभिन्न समस्याओं का चित्रण हुआ है। जिनमें मुख्य रूप से दहेज, बेमेल-विवाह, सौतेली माँ या बेटे की समस्या, विघटित परिवार, बाल-विवाह, विधवा-विवाह की समस्या, कृषक समस्या, गरीबों की उपेक्षा, वृद्धों की उपेक्षा, विवाह पूर्व युवक-युवती के साथ रहने की समस्या, शिक्षित नारी की विवाह के प्रति नफरत, गाँव की समस्या, दलित समस्या आदि का चित्रण प्रेमचंद के कथा साहित्य में देखने को मिलता है। सभी समस्याएं केवल प्रेमचंद के युग की ही नहीं है बल्कि आज भी उतनी ही गंभीर समस्याएं हैं। इस प्रकार प्रेमचंद के कथा साहित्य की सभी समस्याएं शाश्वत समस्याएं हैं।
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Pages:12-14
How to cite this article:
डॉ० पूनम भारद्वाज "प्रेम चंद के कथा-साहित्य में चित्रित शाश्वत समस्याएं". International Journal of Research in Hindi, Vol 4, Issue 2, 2022, Pages 12-14
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