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VOL. 4, ISSUE 1 (2022)
नरेन्द्र कोहली के मिथकीय उपन्यासों में आधुनिकता का बोध
Authors
डॉ. एम. नारायण रेड्डी
Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र में नरेन्द्र कोहली के रामकथात्मक उपन्यासों का विवेचनात्मक अध्ययन परम्परा के सापेक्ष्य में किया गया है। उपन्यासों में जो नये प्रसंगों का प्रस्ताव किया गया है, उनका भी समालोचन करने का प्रयास किया है और उन में जो युगबोध परिलक्षित होता है उसका अंकन भी करने का प्रयत्न किया है। कोहली ने पौराणिक रामकथा को आधुनिक उपन्यास के रूप में प्रस्तुत करने के लिए जो अतिमानवीयता का मिथक भंजन किया है वह कृति के आस्वाद का महत्वपूर्ण आयाम है। अपनी विचारधारा का निर्वाह करने के कारण, कोहली ने पौराणिक रामकथा के मिथकों की नवीन व्याख्या प्रस्तुत की है, और अपनी मान्यताओं के सहारे एक प्रसिद्ध कथा को पूर्ण मौलिक तथा आधुनिक उपन्यासों के रूप में निर्मित किया है।
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Pages:10-20
How to cite this article:
डॉ. एम. नारायण रेड्डी "नरेन्द्र कोहली के मिथकीय उपन्यासों में आधुनिकता का बोध". International Journal of Research in Hindi, Vol 4, Issue 1, 2022, Pages 10-20
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