ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 4 (2021)
मलिक मुहम्मद जायसी-वाङ्मय में सांप्रदायिक सद्भाव
Authors
अर्चना शर्मा
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय भक्तिकालीन सूफी काव्यधारा के प्रवर्तक महाकवि मालिक मुहम्मद जायसी के व्यक्तित्व और कृतित्व सहित उनके काव्य में साम्प्रदायिक सद्भावना के मर्म को उद्घाटित करना रहा है। मालिक मुहम्मद जायसी के काव्य का महत्वपूर्ण वैशिष्ट्य ‘रहस्यवाद’ है। जायसी नाथ कवियों की भाँति ईश्वर की कल्पना अपने भीतर ही करते हैं। शोध-आलेख के माध्यम द्वारा मालिक मुहम्मद जायसी के काव्य में साम्प्रदायिक सद्भावना के अनेकानेक बिंदुओं की खोज एवं प्रस्तुतिकरण लिपिबद्ध किया गया है ।
Download
Pages:18-19
How to cite this article:
अर्चना शर्मा "मलिक मुहम्मद जायसी-वाङ्मय में सांप्रदायिक सद्भाव". International Journal of Research in Hindi, Vol 3, Issue 4, 2021, Pages 18-19
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

