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VOL. 3, ISSUE 4 (2021)
हिंदी साहित्य और पर्यावरणीय विमर्श दृष्टि
Authors
अर्चना शर्मा
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय हिंदी साहित्य की सुदीर्घ परंपरा में पर्यावरणीय चिंतन एवं विमर्श को रेखांकित करना रहा है । शोध-आलेख में हिंदी साहित्य के सन्दर्भ में आदिकालीन, मध्यकालीन एवं आधुनिककालीन साहित्य परंपरा में पर्यावरणीय चिंतन एवं विमर्श के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को सोदाहरण प्रस्तुत किया गया है । शोध आलेख के माध्यम से वर्तमान समय के अत्यंत महत्वपूर्ण विमर्श एवं वैश्विक आवश्यकता को चिंतन एवं विमर्श की दृष्टि से लिपिबद्ध किया गया है । प्रस्तुत शोध-आलेख की प्रासंगिकता का आधार भी पर्यावरण-संरक्षण संबधी उपायों की परम्परा-साहित्य और वर्तमान पटल पर खोज से है ।
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Pages:16-17
How to cite this article:
अर्चना शर्मा "हिंदी साहित्य और पर्यावरणीय विमर्श दृष्टि". International Journal of Research in Hindi, Vol 3, Issue 4, 2021, Pages 16-17
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