ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 3 (2021)
जन चेतना के अग्रदूतः धूमिल
Authors
अर्चना शर्मा
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय जनवादी चेतना के सिरमौर कवि धूमिल के काव्य की सामजिक चेतना के सन्दर्भ में पड़ताल करना रहा है। समकालीन कविता आंदोलन एवं अकविता आंदोलन के सन्दर्भ में कवि के काव्य की प्रासंगिकता की खोज करना रहा है । यह शोध- आलेख धूमिल के व्यक्तित्व और कृतित्व की समसामयिक उत्तरजीविता की प्रस्तुति का प्रयास है ।
Download
Pages:55-56
How to cite this article:
अर्चना शर्मा "जन चेतना के अग्रदूतः धूमिल". International Journal of Research in Hindi, Vol 3, Issue 3, 2021, Pages 55-56
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

