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VOL. 3, ISSUE 2 (2021)
‘एक भारतीय आत्मा’ के काव्य में रहस्यमूलक व प्रेममूलक राष्ट्रीय चेतना
Authors
डॉ. मिनी जोर्ज
Abstract
श्री माखनलाल चतुर्वदी की राष्ट्रीय काव्य साधना का मुलाधार भारत की परम्परागत दिव्य राष्ट्रीयता है। माखनलाल चतुर्वेदी की भक्ति जिसप्रकार राष्ट्रोन्मुख है, उसी प्रकार उनका प्रेम भी रहस्योन्मुख एवं राष्ट्रोन्मुख है। उन्होंने ही रहस्योन्मुख राष्ट्रीय काव्य की अभिनव धारा का सूत्रपात किया था। उनकी कविताओं में पहले प्रेम और बलिदान का द्वन्द्व है, फिर उसमें प्रेम और बलिदान का आलिंगन है, बाद में स्वातंत्र्य संग्राम के अमर व सक्रिय सेनानी माखनलाल जी श्रृंगार को उपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं और पूर्ण रूप से प्रलय ने ही उनकी प्रणय ह्वनि को छीन लिया।
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Pages:21-27
How to cite this article:
डॉ. मिनी जोर्ज "‘एक भारतीय आत्मा’ के काव्य में रहस्यमूलक व प्रेममूलक राष्ट्रीय चेतना ". International Journal of Research in Hindi, Vol 3, Issue 2, 2021, Pages 21-27
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