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International Journal of
Research in Hindi
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VOL. 3, ISSUE 1 (2021)
डॉ. लक्ष्मीनारायण लालः हिन्दी के प्रमुख नाटककार
Authors
डॉ. मनोज कुमार कैन
Abstract
डॉ. लक्ष्मीनारायण लाल उन्नीस सौ साठ से अस्सी के बीच के हिंदी के महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध नाटककार हैं। उन्होंने अपने नाटकों में जगह-जगह विविध प्रयोग किए हैं और इस प्रयोगधर्मिता में वे अत्यंत खरे भी उतरे। समकालीन प्रश्नों को प्रतीकात्मक और रोचक शैली में प्रस्तुत करना डॉ. लाल की विशिष्ट नाट्य-वृत्ति रही है। नाट्य लेखन के लिए उन्होंने जिस भी विषय को उठाया उस पर काफी गंभीरता से अध्ययन-मनन किया। विषय से संबंधित व्यक्तियों, स्थानों, ऐतिहासिक अभिलेखों आदि का अध्ययन करने के बाद ही निष्ठा के साथ वे उनसे जुड़ते हैं। वे जीवन पर्यंत नाट्य गतिविधियों में ही व्यस्त रहे। कभी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बच्चों के बीच तो कभी अनामिका नाट्य संस्था के रिहर्सलों में। डॉ. लाल ने समय की माँग, मंच की जरूरत को समझकर ही लघु नाटकों की रचना की है। उनके लघु नाटकों में कला और तकनीक के स्तर पर प्रयोगशीलता, यथार्थ बोध और कला को उत्तरोत्तर गतिशीलता देने का आग्रह स्पष्टतः दृष्टिगोचर होता है।
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Pages:22-25
How to cite this article:
डॉ. मनोज कुमार कैन "डॉ. लक्ष्मीनारायण लालः हिन्दी के प्रमुख नाटककार". International Journal of Research in Hindi, Vol 3, Issue 1, 2021, Pages 22-25
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